चमोली जिला पंचायत के प्रशासक रजनी भंडारी को किया बर्खास्त

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चमोली: रजनी भण्डारी, जो कि पूर्ववर्ती जिला पंचायत अध्यक्ष थीं, उनके कार्यकाल में नदादेवी राजजात यात्रा (2012-13) के तहत कार्यों के निविदा आमंत्रण और आवंटन में अनियमितताओं के मामले में जांच की गई। जिलाधिकारी पगोली और रात्कालीन प्रभारी जिला पंचायत, चमोली द्वारा 3 जून 2014 को पत्र संख्या-491 के माध्यम से जांच कराई गई थी।

जांच में यह स्पष्ट हुआ कि निविदा के संबंध में उत्तराखंड अभिप्राप्त नियमावली 2008 का उल्लंघन हुआ था और वित्तीय हानि भी हुई थी। इस मामले के दृष्टिगत शासन द्वारा आदेश जारी करते हुए रजनी भण्डारी को जिला पंचायत अध्यक्ष के पद से हटाने का निर्णय लिया गया, जो 10 जनवरी 2024 को प्रभावी हुआ।

इसके बाद रजनी भण्डारी ने शासन के आदेश के खिलाफ उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल में याचिका संख्या-242/2024 (एम.एस.) दायर की। न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई करते हुए 31 जनवरी 2024 को शासन के आदेश पर रोक लगा दी और संबंधित अधिकारियों को प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया।

शासन द्वारा 30 नवम्बर 2024 को जारी अधिसूचना के अनुसार, उत्तराखंड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 (संशोधित उत्तराखंड पंचायतीराज अधिनियम, 2020) की धारा 130 की उपधारा (6) के तहत, समस्त जिला पंचायतों में कार्यकाल समाप्त होने के बाद या नई जिला पंचायत के गठन तक प्रशासक के रूप में निवर्तमान अध्यक्ष को नियुक्त किया गया है। इस संदर्भ में चमोली जिला पंचायत के प्रशासक के रूप में जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट, चमोली को नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है।

इस निर्णय के बाद, जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट, चमोली को जिला पंचायत चमोली का प्रशासक नियुक्त किया गया है। यह आदेश उच्च न्यायालय की याचिका और राज्य शासन की अधिसूचना के अनुसार लिया गया है।

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