शैय्याग्रस्त राज्य आंदोलनकारियों को बड़ी राहत: सहायक के लिए ₹20 हजार प्रतिमाह मंजूर, रंग लाए डीजी सूचना बंशीधर तिवारी के प्रयास
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान पुलिस की गोली से घायल होकर जीवनभर के लिए शैय्याग्रस्त हुए राज्य आंदोलनकारी अमित ओबराय और प्रकाश चन्द्र कान्त के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उत्तराखण्ड शासन द्वारा जारी आदेश के तहत दोनों आंदोलनकारियों की देखभाल के लिए एक-एक सहायक की व्यवस्था हेतु ₹20,000 प्रतिमाह की धनराशि स्वीकृत किए जाने का निर्णय लिया गया है।
लंबे समय से लंबित इस मांग को लेकर पूर्व में घोषणाएं तो हुईं, लेकिन व्यवस्था धरातल पर नहीं उतर सकी थी। अब शासनादेश जारी होने के बाद वर्षों से चली आ रही मांग को मूर्त रूप मिल गया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय को अंजाम तक पहुंचाने में सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी की भूमिका को अहम माना जा रहा है।
अक्टूबर माह में एक पत्रिका के विमोचन कार्यक्रम के दौरान शैय्याग्रस्त आंदोलनकारी अमित ओबराय की उपस्थिति में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। राज्य आंदोलनकारी दीपू सकलानी ने उस दौरान सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी के समक्ष आंदोलनकारियों की स्थिति और उनकी देखभाल के लिए सहायक की आवश्यकता का विषय रखा था।
डीजी सूचना बंशीधर तिवारी ने इस विषय की गंभीरता को समझते हुए तत्काल संवेदनशीलता दिखाई और आश्वस्त किया था कि इस मामले को शीघ्र ही मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसके बाद इस दिशा में हुए प्रयासों का परिणाम अब शासनादेश के रूप में सामने आया है।
6 नवंबर को जारी उत्तराखण्ड शासन के आदेश के अनुसार, अमित ओबराय और प्रकाश चन्द्र कान्त जैसे शैय्याग्रस्त राज्य आंदोलनकारियों की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए उनके लिए एक-एक सहायक की व्यवस्था की जाएगी, जिसके लिए ₹20,000 प्रति माह की धनराशि स्वीकृत की गई है।
राज्य आंदोलनकारियों और उनके परिजनों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है। वर्षों से देखभाल और सहायक की व्यवस्था की मांग कर रहे इन आंदोलनकारियों के लिए सरकार का यह निर्णय न केवल आर्थिक सहयोग है, बल्कि राज्य निर्माण आंदोलन में उनके संघर्ष और बलिदान के प्रति सम्मान का भी प्रतीक है। इस पूरे प्रकरण में सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी की संवेदनशील पहल और मामले को मुख्यमंत्री स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की अहम भूमिका रही।
