मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हुई रवांई की बेटी मन्नत रावत, एकांकी लेखन में प्रदेशभर में हासिल किया प्रथम स्थान
देहरादून। रवांई क्षेत्र की बेटी और कक्षा 10 की छात्रा कु. मन्नत रावत ने अपनी लेखन प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्तराखंड भाषा संस्थान की भाषायी प्रतियोगिता में प्रदेशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित एकांकी लेखन प्रतियोगिता में मन्नत ने हिंदी भाषा वर्ग में पहला स्थान प्राप्त कर अपने परिवार और रवांई क्षेत्र का नाम रोशन किया।
मन्नत को यह पुरस्कार उनके एकांकी ‘नदी जो अब भी बहती है’ के लिए प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मन्नत को प्रमाण-पत्र, अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और निर्धारित धनराशि प्रदान कर सम्मानित किया।
हिंदी दिवस पर आयोजित हुआ दो दिवसीय कार्यक्रम
उत्तराखंड भाषा संस्थान की ओर से हिंदी दिवस के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के पहले दिन आईआरडीए सभागार में आयोजित समारोह में भाषा मंत्री खजान दास ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में हिंदी, संस्कृत, उर्दू और पंजाबी विषयों में सर्वोच्च अंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दूसरे दिन मुख्य सेवक सदन में आयोजित समारोह में प्रदेशभर से पहुंचे साहित्यकारों, छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों की मौजूदगी में विभिन्न भाषायी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। इसी समारोह में एकांकी लेखन प्रतियोगिता में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करने वाली मन्नत रावत को भी सम्मानित किया गया।
समारोह में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर और उमेश शर्मा ‘काऊ’ समेत प्रदेश के कई वरिष्ठ साहित्यकार एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कम उम्र में लेखन के क्षेत्र में बनाई पहचान
मन्नत रावत वर्तमान में कक्षा 10 में अध्ययनरत हैं और अपने माता-पिता के साथ हरिद्वार में रह रही हैं। कम उम्र में साहित्य और लेखन के क्षेत्र में प्रदेश स्तरीय उपलब्धि हासिल करना उनके परिवार के साथ-साथ रवांई क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है।
मन्नत की इस उपलब्धि पर उनके परिजनों, शिक्षकों और क्षेत्रवासियों ने खुशी जताई है। उन्होंने मन्नत को भविष्य में भी साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।
