एक्सक्लूसिव : जेनी प्रकरण से बढ़ सकती हैं हरक सिंह रावत की मुश्किलें, जेनी बोलीं- दोबारा खुलवाऊंगी केस
- प्रदीप रावत ‘रवांल्टा’
उत्तराखंड में सालों पुराने जेनी प्रकरण को लेकर सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान के बाद पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की प्रतिक्रियाओं ने इस मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। अब इस पूरे विवाद के बीच जेनी ने भी सामने आकर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा है कि राजनीतिक बयानबाजी में उनका नाम घसीटकर उनके चरित्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। जेनी ने मामले को दोबारा खुलवाने और अपने साथ हुए अपराध के दोषियों को सजा दिलाने की बात कही है।
जेनी ने पहाड़ समाचार से बातचीत में भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए उनके नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है और उनका चरित्र हनन किया जा रहा है। हरक सिंह रावत के उस बयान पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी, जिसमें हरक सिंह रावत ने कहा था कि उन्होंने जेनी को छुआ तो दूर, कभी देखा तक नहीं। इस पर जेनी ने दावा किया कि घटना के समय उनकी उम्र महज 16 से 17 साल थी। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें डराया और धमकाया गया था। उत्तराखंड से भारी पुलिस बल के साथ भेजे जाने की घटना भी उन्हें आज तक याद है।
जेनी ने आरोप लगाया कि उस समय उन्हें नारी निकेतन में मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाओं के साथ रखा गया था। उनका कहना है कि उन्हें मानसिक रूप से विक्षिप्त घोषित करने की कोशिश की गई थी। जेनी ने कहा कि उनके साथ क्या हुआ था, इसकी जानकारी उन्हें खुद है और वह इस मामले को दोबारा खुलवाना चाहती हैं, ताकि उनके साथ हुए अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिल सके।
दरअसल, जेनी प्रकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी उस समय फिर शुरू हुई, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण में महिला अपराध से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए इस प्रकरण का भी उल्लेख किया। इसके बाद हरक सिंह रावत ने मुख्यमंत्री के बयान पर पलटवार किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की प्रतिक्रिया के बाद हरक सिंह रावत ने फिर अपना पक्ष रखा। इस तरह मामला लगातार राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।
वहीं, कांग्रेस इन दिनों अंकिता भंडारी प्रकरण समेत महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेर रही है। पार्टी की ओर से प्रदेशभर में न्याय यात्रा भी निकाली जा रही है। ऐसे समय में जेनी का बयान सामने आने से प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। हालांकि, जेनी की ओर से लगाए गए आरोपों और मामले को दोबारा खोलने की उनकी घोषणा के बादयह मामला शांत होने के बजाय एक बार फिर बड़ा राजनीतिक विवाद बनता जा रहा है।
