9 महीने बाद धरती पर लौटीं सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर

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लव कपूर (फाउंडर प्रेसीडेंट/सी ई ओ/एडिटर इन चीफ)
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अमेरिका की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बैरी “बुच” विल्मोर 286 दिनों के लंबे अंतरिक्ष प्रवास के बाद सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए हैं। नासा के अनुसार, स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान ने 19 मार्च को तड़के 3:27 बजे (भारतीय समयानुसार) अमेरिका के फ्लोरिडा के समुद्री क्षेत्र में सफल स्प्लैशडाउन किया।

इस ऐतिहासिक मिशन के तहत, सुनीता और उनके सहयोगी अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में महत्वपूर्ण शोध और तकनीकी परीक्षणों में शामिल रहे। वापसी पर, अंतरिक्ष यान से बाहर निकलते ही सुनीता ने हाथ हिलाकर वहां मौजूद लोगों का अभिवादन किया। उनके साथ लौटे अन्य अंतरिक्ष यात्री निक हेग (NASA), बुच विल्मोर (NASA) और अलेक्जेंडर गोरबुनोव (Roscosmos) भी खुशी से मुस्कुराते हुए दिखाई दिए।

ऐतिहासिक मिशन की झलक

1. 286 दिन अंतरिक्ष में: सुनीता विलियम्स और उनकी टीम ने करीब 9.5 महीने अंतरिक्ष में बिताए, जहां उन्होंने अंतरिक्ष यात्रियों के लिए नए आवासीय और तकनीकी सिस्टम का परीक्षण किया।

2. स्पेसएक्स ड्रैगन का सफल मिशन: यह अंतरिक्ष यान पृथ्वी पर सुरक्षित लैंडिंग करने में सक्षम था, जिससे नासा और स्पेसएक्स के सहयोग से किए गए मिशन की सफलता और भरोसेमंदता साबित हुई।

3. विज्ञान और अनुसंधान में योगदान: मिशन के दौरान मानव शरीर पर दीर्घकालिक अंतरिक्ष यात्रा के प्रभाव, माइक्रोग्रैविटी में नई तकनीकों और रोबोटिक सिस्टम पर गहन शोध किया गया।

कौन हैं सुनीता विलियम्स?

भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका में हुआ था। वह पहली महिला अंतरिक्ष यात्री हैं, जिन्होंने अंतरिक्ष में सबसे ज्यादा समय तक रहने का रिकॉर्ड बनाया था। उनकी जड़ों का संबंध भारत के गुजरात से है।

सुनीता की इस शानदार वापसी के बाद, अब वैज्ञानिक समुदाय मिशन के परिणामों और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण करेगा। इस सफलता ने अंतरिक्ष अन्वेषण में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ दी है।

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