केदारनाथ यात्रा से पहले बड़ा एक्शन: हेली बुकिंग फ्रॉड पर रुद्रप्रयाग पुलिस की कड़ी कार्रवाई, 265 डिजिटल प्लेटफॉर्म ब्लॉक

0
IMG-20260406-WA0004-315x334.jpg

रुद्रप्रयाग। आगामी केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए उत्तराखण्ड सरकार के निर्देशों पर रुद्रप्रयाग पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं को ठगने वाले गिरोहों पर कड़ा प्रहार करते हुए पुलिस ने अब तक 265 संदिग्ध वेबसाइट्स, सोशल मीडिया अकाउंट्स, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को ब्लॉक या रिपोर्ट किया है।

दरअसल, हर वर्ष केदारनाथ यात्रा शुरू होने से पहले साइबर अपराधी हेलीकॉप्टर सेवा के नाम पर फर्जी वेबसाइट, फेसबुक पेज और इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर श्रद्धालुओं को निशाना बनाते हैं। कई लोग इनके झांसे में आकर आर्थिक नुकसान भी उठा चुके हैं। इस बार ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए एसपी रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर के नेतृत्व में “साइबर फ्रॉड कम्बैट फोर्स” का गठन किया गया है, जो लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नजर बनाए हुए है।

सोशल मीडिया पर सख्त कार्रवाई

पुलिस ने 111 संदिग्ध फेसबुक पेजों में से 106 को सफलतापूर्वक टेकडाउन कराया है। साथ ही 16 इंस्टाग्राम अकाउंट्स को भी संदिग्ध गतिविधियों के चलते रिपोर्ट किया गया है और उनकी जांच जारी है।

मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप पर कार्रवाई

साइबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे 110 मोबाइल नंबरों में से 55 को ब्लॉक कर दिया गया है, जबकि बाकी नंबरों को ब्लॉक करने की प्रक्रिया जारी है।

बैंक खातों पर शिकंजा

साइबर अपराधियों से जुड़े 6 बैंक खातों की जांच की गई, जिनमें से एक खाते को डेबिट फ्रीज कर दिया गया है। अन्य खातों पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

फर्जी वेबसाइट्स पर नजर

हेलीकॉप्टर टिकट दिलाने का दावा करने वाली 22 संदिग्ध वेबसाइट्स को चिन्हित कर डोमेन रजिस्ट्रार को रिपोर्ट भेजी गई है।

एसपी की अपील

एसपी नीहारिका तोमर ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि केदारनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर बुकिंग केवल अधिकृत वेबसाइट https://www.heliyatra.irctc.co.in/ के माध्यम से ही करें। किसी भी अन्य वेबसाइट, सोशल मीडिया लिंक या व्हाट्सएप के जरिए बुकिंग करने से बचें, अन्यथा साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग पुलिस साइबर अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और ठगी होने की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

You may have missed

Share