सीमा पार पहुंच गई थी खुफिया टीम, चीनी सेना ने हिरासत में लिया था: अजीत डोभाल ने IIT रुड़की में सुनाया किस्सा

0
Screenshot_20260919_155340.jpg

रुड़की। आईआईटी रुड़की के दीक्षा समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने विद्यार्थियों के साथ अपने करियर के शुरुआती दिनों से जुड़ा एक अनुभव साझा किया। उन्होंने खुफिया अभियानों में आने वाली चुनौतियों और जोखिमों का उल्लेख करते हुए सिक्किम में किए गए एक मिशन का किस्सा सुनाया।

डोभाल ने कहा कि विद्यार्थियों के बीच आकर उन्हें यह दुविधा थी कि उनसे कौन-से विचार साझा किए जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर पर वह अपने जीवन के कुछ संस्मरण विद्यार्थियों के साथ साझा करना चाहेंगे। इसी क्रम में उन्होंने खुफिया विभाग में अपने शुरुआती कार्यकाल के दौरान सामने आई एक घटना का जिक्र किया।

उन्होंने बताया कि सिक्किम में एक खुफिया मिशन के दौरान उनकी टीम रास्ता भटक गई थी और अनजाने में सीमा पार चली गई। इस दौरान चीनी सेना ने टीम को कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया था। डोभाल के मुताबिक, उस समय उन्हें लगा था कि यह घटना उनके करियर के लिए गंभीर संकट बन सकती है और उनका करियर खत्म हो सकता है।

हालांकि, बाद में उन्हें सुरक्षित छोड़ दिया गया और वे वापस लौट आए। डोभाल ने इस घटना का उल्लेख खुफिया कार्य की प्रकृति और उसमें मौजूद जोखिमों को समझाने के संदर्भ में किया। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कार्यों में परिस्थितियां कई बार बेहद चुनौतीपूर्ण और अप्रत्याशित हो सकती हैं।

विद्यार्थियों से साझा किए अनुभव

दीक्षा समारोह में डोभाल ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए खुफिया विभाग की कार्यप्रणाली और उससे जुड़े जोखिमों पर भी बात की। उन्होंने अपने शुरुआती करियर की घटनाओं के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया कि किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में अनुभव और परिस्थितियों को समझने की क्षमता महत्वपूर्ण होती है।

आईआईटी रुड़की के दीक्षा समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। समारोह के दौरान विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर डोभाल का संबोधन विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share