दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, पीएम मोदी ने तीन राज्यों को दी बड़ी सौगात
देहरादून: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आज उत्तराखंड, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी सौगात देते हुए 11,963 करोड़ रुपये की लागत से बने 213 किलोमीटर लंबे Dehradun–Delhi Expressway का लोकार्पण किया। लंबे समय से इस परियोजना का इंतजार कर रहे लोगों को आज बड़ी राहत मिली है।
ढाई घंटे में पूरा होगा सफर
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से देहरादून से दिल्ली के बीच यात्रा समय घटकर करीब ढाई घंटे रह जाएगा। इससे न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और कनेक्टिविटी को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
पीएम मोदी के संबोधन की मुख्य बातें
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा में की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि “आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा” और राज्य तेजी से विकास के नए आयाम छू रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। पीएम ने B. R. Ambedkar को नमन करते हुए कहा कि देश का संविधान गरीब, वंचित और शोषित वर्ग को न्याय दिलाने का माध्यम है। उन्होंने विकास में इंफ्रास्ट्रक्चर की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि सड़क और रेल नेटवर्क देश की “भाग्य रेखाएं” हैं, जो बेहतर भविष्य की गारंटी देती हैं।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस एक्सप्रेसवे से Dehradun, Haridwar, Rishikesh, Mussoorie और चारधाम यात्रा को बड़ा लाभ मिलेगा।
उन्होंने उत्तराखंड में बारहमासी पर्यटन (सालभर पर्यटन) को बढ़ावा देने की जरूरत भी बताई।
पर्यावरण और संस्कृति पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि विकास के साथ-साथ प्रकृति और संस्कृति का संतुलन जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे में वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का निर्माण किया गया है, ताकि वन्यजीवों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने लोगों से तीर्थस्थलों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की अपील की और कूड़ा न फैलाने का संदेश दिया।
आने वाले धार्मिक आयोजन
प्रधानमंत्री ने आगामी Kumbh Mela को भव्य और दिव्य बनाने की बात कही। साथ ही Nanda Devi Raj Jat का उल्लेख करते हुए इसे आस्था का प्रमुख केंद्र बताया।
महिलाओं की भूमिका पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अहम है और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
