उत्तराखंड के युवाओं ने UPSC में किया कमाल, रवांई घाटी के दो युवाओं का चयन

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देहरादून : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में उत्तराखंड के कई युवाओं ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। राज्य के सुदूरवर्ती गांवों से निकले इन होनहारों ने कड़ी मेहनत, धैर्य और अनुशासित तैयारी से देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में स्थान बनाया, जो पहाड़ी क्षेत्र के युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा साबित हो रहा है।

उत्तरकाशी जिले से दो युवाओं ने विशेष सफलता हासिल की। ऋषभ नौटियाल, पुरोला के ग्राम सुनाली (रवांई घाटी) के निवासी, ने 552वीं रैंक प्राप्त की। उनके पिता त्र्यंबक प्रसाद नौटियाल और माता ललिता नौटियाल हैं। ऋषभ ने द दून स्कूल, देहरादून से 12वीं तक पढ़ाई की और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर से एलएलबी पूरी की। उन्होंने तीन बार मुख्य परीक्षा तक पहुंचकर असफलता का सामना किया, लेकिन चौथे प्रयास में सफल हुए। क्षेत्र में खुशी का माहौल है, जहां कथा वाचक शिव प्रसाद नौटियाल (ताऊ जी), विधायक दुर्गेश्वर लाल, पूर्व विधायक माल चंद सहित कई जनप्रतिनिधियों ने बधाई दी।

उसी जिले के नौगांव ब्लॉक के बनाल गुलाड़ी गांव के आशुतोष नौटियाल ने 398वीं रैंक हासिल की। 25 वर्षीय आशुतोष ने तीसरे प्रयास में सफलता पाई। पहले प्रयास में प्रीलिम्स भी नहीं निकला, लेकिन रणनीति बदलकर उन्होंने नियमित 5-6 घंटे पढ़ाई की। उन्होंने मार्गदर्शन को कोचिंग से ज्यादा महत्वपूर्ण बताया और इंटरनेट (जैसे अंडरस्टेंड यूपीएससी पोर्टल) से तैयारी की। आशुतोष का मकसद सीमांत क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान और विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि हिंदी माध्यम के छात्र भी सफल हो सकते हैं, यदि कांसेप्ट मजबूत और लगन हो।

टिहरी गढ़वाल जिले के चंबा क्षेत्र के दिवाड़ा गांव की बेटी मीनल नेगी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 66 हासिल कर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। राज्य में यह इस बार की सबसे बेहतर रैंक है, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के युवाओं में जोश और प्रेरणा का संचार हुआ है।

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मीनल नेगी, जो मूल रूप से टिहरी गढ़वाल के चंबा के निकट दिवाड़ा गांव की निवासी हैं, ने सीमित संसाधनों और पहाड़ी चुनौतियों के बीच अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। उनके पिता प्रीतम सिंह नेगी उत्तराखंड शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं और वर्तमान में जूनियर हाईस्कूल डोबरा कोटेश्वर (टिहरी) में कार्यरत हैं। माता मीना देवी गृहिणी हैं।

लोहाघाट-बाराकोट क्षेत्र के युवा अनुज ने 69वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम ऊंचा किया। उन्होंने सेल्फ स्टडी और अनुशासित दिनचर्या पर जोर दिया। रोज 8-10 घंटे पढ़ाई की और इंटरनेट मीडिया का उपयोग सीमित रखा।

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पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग तहसील के उप्राडा गांव के आदित्य पाठक ने 189वीं रैंक प्राप्त की। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के सफलता हासिल की। पिथौरागढ़ के डान बास्को स्कूल से इंटर तक पढ़ाई के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र ऑनर्स और मुंबई से मास्टर्स किया। ग्रेजुएशन के दौरान ही तैयारी शुरू की और टेस्ट सीरीज पर फोकस किया। चौथे प्रयास में सफल हुए। पिता माधवानंद पाठक (सेवानिवृत्त शिक्षक) और माता मंजुला पाठक (शिक्षक) हैं, जबकि छोटे भाई अभिषेक भारतीय सेना में कैप्टन हैं। विधायक फकीर राम टम्टा, मयूख महर सहित कई नेताओं ने बधाई दी।

हरिद्वार जिले के बहादराबाद विकासखंड के अत्मलपुर बोंगला गांव के मूल निवासी तुषार चौहान ने संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में 216वीं रैंक हासिल की है. परिणाम घोषित होने के बाद उनके पैतृक गांव में खुशी की लहर है. ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने तुषार की इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. तुषार चौहान की उपलब्धि केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक उपलब्धि और गौरव का विषय बन गई है.

लोहाघाट के कलीगांव के टूड़ा तोक की बेटी अनुप्रिया राय ने मेहनत और लगन से देश की प्रतिष्ठित परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सिविल सेवा परीक्षा में इतिहास रच नया कीर्तिमान बनाया है. अनुप्रिया ने लगातार तीसरी बार इस परीक्षा को क्रैक किया है. उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी की लहर है. वर्तमान में अनुप्रिया राय पाल समुंद्रम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं. लोहाघाट नगर के पास कलीगांव के टूड़ा तोक निवासी अनुप्रिया राय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफलता हासिल कर एक बार फिर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. अनुप्रिया ने इस बार ऑल इंडिया रैंक 258वीं हासिल की है.

चंपावत जिले के खटीमा से देवेश आर्या ने दूसरे प्रयास में 656वीं रैंक हासिल की। 23 वर्षीय देवेश ने सराफ पब्लिक स्कूल, खटीमा से हाईस्कूल (86.8%) और इंटर (PCMB, 94.8%) किया। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से बीएससी (ऑनर्स) बॉटनी में 7.76 CGPA हासिल किया। उनकी सफलता से चंपावत में गर्व का माहौल है।

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