टीवी डिबेट के बाद हिंसा: कांग्रेस प्रवक्ता हनुमंत पवार पर हिंदुत्व कार्यकर्ता तुषार दमगुडे समेत साथियों ने की मारपीट 

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पुणे : पुणे में एक टीवी डिबेट के बाद राजनीतिक विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता हनुमंत पवार पर हिंदुत्ववादी कार्यकर्ता और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर तुषार दमगुडे तथा उनके पांच साथियों ने कथित तौर पर मारपीट की। घटना सोमवार शाम करीब 5:30 बजे पुडारी न्यूज (Pudhari News) चैनल के कार्यालय के बाहर मित्र मंडल चौक में हुई। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

घटना की शुरुआत डिबेट से

हनुमंत पवार और तुषार दमगुडे पुडारी न्यूज के एक लाइव डिबेट में हिस्सा लेने पहुंचे थे। दोनों पहले भी कई टीवी बहसों में आमने-सामने आ चुके हैं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दोनों बाहर निकले, जहां बहस फिर से शुरू हो गई। पवार के अनुसार, दमगुडे ने उनसे भाजपा-आरएसएस का विरोध करने और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ का समर्थन करने पर सवाल किया। बहस के दौरान पवार ने एक वायरल वीडियो का जिक्र किया, जिसमें हरियाणा के सिकरी बैंक्वेट हॉल के शौचालय के दरवाजों पर छत्रपति शिवाजी महाराज और महारानी पद्मिनी के चित्र लगे थे। पवार ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता शिवाजी महाराज का अपमान करते हैं।

पवार का दावा है कि डिबेट खत्म होने पर उन्होंने सपकाळ को कॉल करने के लिए बाहर गए। तभी दमगुडे और उनके साथियों ने गालियां देना शुरू किया और धमकियां दीं। जब पवार ने कहा कि वे धमकियों से नहीं डरते, तो दमगुडे ने थप्पड़ मारा और पिस्तौल दिखाकर धमकाया। इसके बाद उनके साथियों ने लात-घूंसे और बुक्के मारे।

पुलिस में शिकायत, दो गिरफ्तार

हनुमंत पवार ने स्वारगेट पुलिस स्टेशन में तुषार दमगुडे, बाळासाहेब गालफाडे, गौरव राठोड, श्रीनिवास निगडे, ऋषिकेश परदेशी और अभिमन्यू मैड के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोपों में मारपीट, शिवीगाल, जीवे मारने की धमकी और हथियार दिखाना शामिल है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की है। अब तक दो आरोपियों को ताबे में लिया गया है। तुषार दमगुडे की पिस्तौल जब्त की गई है और उसका लाइसेंस भी जांच के दायरे में है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई करेगी।

दमगुडे का पलटवार

तुषार दमगुडे ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि हाल ही में एक अन्य न्यूज चैनल डिबेट में टीपू सुल्तान के मुद्दे पर पवार ने उनसे आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। दमगुडे का आरोप है कि चैनल के बाहर भी पवार ने उन्हें गालियां दीं और नक्सलियों के खिलाफ बोलने पर धमकाया। दमगुडे ने कहा कि वे पवार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा रहे हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

कांग्रेस ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताया है। प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने वीडियो शेयर कर निंदा की और कहा कि वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हिंसा और दहशत से आवाज दबाना अस्वीकार्य है। कांग्रेस नेताओं ने तत्काल कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की।

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