उत्तराखंड में भालू का आतंक जारी: पशुपालक पर जानलेवा हमला, गंभीर रूप से घायल

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विकासनगर: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य में भालू के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला देहरादून जिले के जौनसार बावर क्षेत्र के त्यूणी ब्लॉक अंतर्गत निमगा गांव से सामने आया है, जहां एक पशुपालक पर भालू ने प्राणघातक हमला कर दिया। हमले में पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसे उच्चतर चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया है।

घटना के अनुसार, निमगा गांव निवासी जगत सिंह रावत मंगलवार शाम को अपनी बकरियों को जंगल में चराने ले गए थे। सामान्य दिनचर्या के दौरान अचानक भालू ने उन पर हमला बोल दिया। हमले के समय उनके साथी आकाश ने शोर मचाकर आसपास के ग्रामीणों को मदद के लिए पुकारा। भारी शोर सुनकर भालू जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों ने तुरंत घायल जगत सिंह को त्यूणी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. नरेंद्र सिंह राणा ने बताया, “भालू के नाखूनों से जगत सिंह के मुंह, सिर और गर्दन पर गहरे घाव आए हैं। काफी खून बहने के कारण उनकी हालत गंभीर है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उच्चतर चिकित्सा सुविधा वाले केंद्र रेफर किया गया है।”

यह घटना जौनसार बावर क्षेत्र में भालू के हमलों की बढ़ती श्रृंखला का हिस्सा है। इससे पहले नवंबर 2025 में इसी इलाके के खरोड़ा गांव में फकीरी देवी नामक महिला पर भालू ने हमला किया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हुई थीं। राज्य के विभिन्न जिलों में पिछले कुछ महीनों में भालू के हमलों में कई लोगों की जान जा चुकी है और दर्जनों घायल हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, देर से होने वाली बर्फबारी और जंगलों में भोजन की कमी के कारण भालू गांवों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष तेज हो गया है।

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